पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज गेंदबाज शोएब अख्तर की गिनती बेबाक बोलने वाले क्रिकेटरों में की जाती है। वह मौजूदा समय में घट रहे विभिन्न क्रिकेट घटनाक्रमों को लेकर अपनी राय रखते हुए तो नजर आते ही हैं, परंतु कई बार वह अपने दौर को भी याद करते हुए दर्शकों के बीच कुछ अनसुनी बातें लेकर आते हैं। शोएब अख्तर ने अभी हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने यह बताया है कि कौन से क्रिकेटर के सामने उन्हें गेंदबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। हैरतअंगेज बात यह है कि शोएब अख्तर ने जिस क्रिकेटर का नाम बताया है वह कोई बल्लेबाज नहीं बल्कि भारत का एक पूर्व गेंदबाज है।जिनका नाम लक्ष्मीपति बालाजी है,वह शोएब अख्तर के रातों की नींद हराम कर देते थे।
दरअसल लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जा रहा था। इस मैच से पहले दोनों टीमों ने दो-दो मुकाबले जीते थे। इस तरीके से सीरीज बराबरी पर थी। जबकि अंतिम (फाइनल) मुकाबले में लक्ष्मीपति बालाजी ने शोएब अख्तर के 6 गेंदों पर 10 रन जड़ दिए, इस दौरान उन्होंने शोएब अख्तर की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से जोरदार छक्का लगाया। जिसे देखकर शोएब अख्तर दहशत में आ गए।
स्टैंड-अप कॉमेडियन सौरभ पंत के साथ पॉडकास्ट ‘वेक अप विद सोरभ’ में बातचीत करते हुए शोएब अख्तर ने इस घटना का जिक्र किया है। शोएब अख्तर ने कहा कि,“मुझे याद है कि वह मेरा सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मुझे इस बल्लेबाज एसवी बालाजी से खतरा महसूस होता था।नहीं, वह नहीं, दूसरा बालाजी, वह एक गेंदबाज था… लक्ष्मीपति बालाजी।”
शोएब अख्तर ने आगे कहा कि “वो मुझे मारता था… यार आख़िर मुझे मारता था।वह मुझसे किसी चीज़ को लेकर नफरत करता था।उस दौरान मैंने हर कोशिश की परन्तु मैं उसे आउट नहीं निकाल सका।”
बताते चलें कि, शोएब अख्तर साल 2004 में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए पांच मैचों की वनडे सीरीज का जिक्र कर रहे थे। भारत में अंतिम मुकाबले को 40 रनों से जीता था। उस दौरान लक्ष्मीपति बालाजी ने न सिर्फ बल्ले से योगदान दिया था, बल्कि वह इरफान पठान के साथ संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले गेंदबाज भी रहे थे। वहीं इस मुकाबले में शोएब अख्तर ने अपने निर्धारित 10 ओवरों में एक मेडन के साथ 47 रन खर्च करते हुए एक बल्लेबाज को पवेलियन का रास्ता दिखाया था।


